धामपुर/हरिद्वार। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत श्री श्री 1008 स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने आज प्रातःकाल से ही अत्यधिक व्यस्त कार्यक्रमों में विशाल भक्त समुदाय को अपने दर्शनों व दिव्य प्रवचनों से कृतार्थ किया। इस दौरान महाराज श्री ने कहा कि सत्य को पहचानना,धर्म को पहचानना,दया को अपनाना, शांति मार्ग का चयन करना व क्षमादान में निपुणता ही परमात्मा का सत्य रूप है। सच्चा सुख आनंद व शांति एकमात्र परमात्मा व अध्यात्म की शरण में ही है। परमात्मा से प्रेम, समाज की सेवा व स्वयं की खोज करें। जो प्रभु समर्पित होकर अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं उनकी हर प्रकार से देखभाल व रक्षा स्वयं प्रभु करते हैं।लौकिक उन्नति बुरी नहीं, लेकिन प्रभु से विमुख उन्नति अवनति के समान ही है।




