खबर सच है संवाददाता
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में कांग्रेस के ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ में मंगलवार (आज) प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के सामने ही पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। कार्यक्रम के दौरान महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी के भाषण से नाराज विधायक मयूख महर समर्थकों केसाथ बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। उनके बाहर निकलते ही सभागार में ‘मयूख महर मुर्दाबाद’ के नारे भी लगे।
बैठक के बाद मयूख महर ने कहा कि मंच से इशारों-इशारों में उन्हें लज्जित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वहां बैठने का कोई औचित्य नहीं था, इसलिए अपनी इज्जत बचाने के लिए उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया। दूसरी ओर, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मंच से कार्यकर्ताओं से संयम रखने की अपील की और बाद में कहा कि वह विधायक से खुद बात करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी, महेन्द्र सिंह लुंठी और दीपक लुंठी को घोर अनुशासनहीनता का नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
परिवर्तन संकल्प सम्मेलन शुरू होने से पहले मंच से घोषणा की गई कि कार्यक्रम में सिर्फ अभियान और संगठन से जुड़े मुद्दों पर ही बात होगी। जिसमें सबसे पहले महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी को बोलने का मौका मिला। उन्होंने नगर निकाय चुनाव में टिकट और पार्टी से अलग होकर काम करने को लेकर विधायक मयूख महर पर बिना नाम लिए तंज कसना शुरू कर दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने उनसे भाषण खत्म करने को कहा, लेकिन उन्होंने बोलना जारी रखा। माहौल बिगड़ता देख प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी अपनी सीट से उठकर मंच पर पहुंचे, लेकिन तब तक विधायक मयूख महर नाराज होकर समर्थकों के साथ बाहर निकल गए।
सभागार से बाहर आने के बाद विधायक मयूख महर ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर सभी कार्यकर्ताओं में उत्साह था, लेकिन कुछ लोग कांग्रेस की प्रगति से परेशान हैं और बैठक को खराब करने के लिए षड्यंत्र रचा गया। कहा, जिस वक्ता को सबसे पहले मौका मिला, वह अपनी राजनीतिक खंदक निकाल रही थीं। उन्हें आने वाले चुनाव के लिए अपनी योजनाएं रखनी थीं और बताना था कि महिलाओं, दलितों और युवाओं को कैसे संगठित करेंगे, लेकिन वह मंच पर आकर अप्रत्यक्ष रूप से विधायक को लज्जित करती रहीं। ऐसे में वहां बैठने का हमारा कोई औचित्य नहीं बनता था। अब वह महिला हैं, हम उन्हें कुछ नहीं कह सकते। सरकार ने उन्हें काफी अधिकार दिए हुए हैं। हमारे पास आखिरी विकल्प यही था कि इस बैठक का बहिष्कार करें और इन कांग्रेसियों से अपनी इज्जत बचाएं।
हंगामे के बाद जब प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से सवाल किया गया तो पहले वह मुस्कुराए और फिर कहा कि कोई बड़ी बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मैं अपने कार्यकर्ताओं से कहूंगा कि सभी लोगों को संयम रखना चाहिए। 500 लोगों में कौन क्या कर दे, किसे क्या पता।एक कार्यकर्ता ने कुछ कह दिया होगा, हो सकता है उसी से मयूख महर नाराज हुए हों। मैं खुद उनसे जाकर मिलूंगा।
हालांकि विधायक के सभागार से बाहर जाने के बाद मंच से संबोधित करते हुए गोदियाल ने कहा आज यहां जो हुआ, वह दिखाता है कि कहीं और से गाइडेड और इन गाइडेड मिसाइलों के कारण यहां का माहौल खराब हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विवेक और संयम से काम लेने की अपील भी की।
पार्टी नेतृत्व ने मंच पर हुई अभद्रता और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे की संगठनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत प्रदेशभर में ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ अभियान शुरू किया है। पहले चरण में 10 जुलाई तक पहाड़ी जिलों में सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश को चार जोन में बांटकर अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पिथौरागढ़ दौरे पर पहुंचे थे।
इस विवाद की जड़ पिछले साल हुए पिथौरागढ़ नगर निगम चुनाव को माना जा रहा है। उस चुनाव में विधायक मयूख महर अपनी पसंद की प्रत्याशी मोनिका महर को कांग्रेस का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने अंजू लुंठी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद मोनिका महर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरीं और विधायक उनके समर्थन में खड़े हो गए।तब कांग्रेस दो गुटों में बंट गई,जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला। भाजपा प्रत्याशी कल्पना देवलाल महज 17 वोट से चुनाव जीत गईं। कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3,379 वोट मिले, जबकि बागी मोनिका महर को 9,449 वोट मिले।दोनों के वोट जोड़ने पर कांग्रेस भाजपा से काफी आगे रहती। माना जा रहा है कि उसी राजनीतिक खींचतान की झलक अब परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के मंच पर भी देखने को मिली।




